नई दिल्ली30 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज BSNL का 4G नेटवर्क लॉन्च करेंगे। ये नेटवर्क देशभर में 98 हजार साइटों पर रोलआउट होगा। यह नेटवर्क पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर तैयार हुआ है।
सर्विस के लॉन्च होते ही भारत के सभी टेलिकॉम ऑपरेटर 4G से लैस हो जाएंगे। जियो, एयरटेल, वीआई जैसी कंपनियां पहले से ही 4G और 5G नेटवर्क पर हैं।
इसके साथ ही भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जो अपनी टेलिकॉम टेक्नोलॉजी खुद बनाते हैं। डेनमार्क, स्वीडन, साउथ कोरिया और चीन के बाद भारत पांचवां देश है।’

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने BSNL के 25 साल पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को मीडिया को संबोधित किया।
गांव-शहर सभी जगह तेज 4G इंटरनेट मिलेगा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे लेकर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा- शनिवार को प्रधानमंत्री दो ऐतिहासिक इनिशिएटिवप अनवील करेंगे…
- बीएसएनएल ने खुद की 4G टेक्नोलॉजी डेवलप की है, जो विदेशी नहीं बल्कि देसी है। इसे 98,000 जगहों पर लगाया जाएगा। मतलब, गांव-शहर सभी जगह तेज 4G इंटरनेट मिलेगा।
- ‘डिजिटल भारत निधि’ के जरिए भारत का पहला ऐसा नेटवर्क लॉन्च होगा, जहां देश के हर कोने में 4G नेटवर्क मिलेगा। जंगल हो या दूरदराज का गांव सब 4G नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
5G में आसानी से अपग्रेड हो सकता है ये नेटवर्क
BSNL का ये स्वदेशी 4G स्टैक 5G में आसानी से अपग्रेड हो सकता है। ये क्लाउड-बेस्ड और फ्यूचर-रेडी डिजाइन वाला है। मतलब सॉफ्टवेयर अपडेट से ही 5G पर शिफ्ट हो जाएगा। कोई बड़े हार्डवेयर चेंज की जरूरत नहीं पड़ेगी।
टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा है कि ये सीमलेसली 5G में अपग्रेडेबल है। यानी, 4G लॉन्च के बाद जल्द ही 5G की तैयारी हो जाएगी।
BSNL के कस्टमर लगातार कम हो रहे
टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के जुलाई 2025 के आंकड़ों के अनुसार, BSNL और MTNL लगातार सब्सक्राइबर खो रही हैं।
जुलाई में BSNL के 1.01 लाख ग्राहक कम हुए, वहीं MTNL के भी सब्सक्राइबर घटे। अब पब्लिक सेक्टर टेलिकॉम कंपनियों का मार्केट शेयर 8% से भी कम रह गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जियो ने जुलाई में सबसे ज्यादा 4.83 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े हैं। एयरटेल ने जुलाई में 4.64 लाख नए मोबाइल यूजर्स जोड़े।
जबकि वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर्स में गिरावट देखने को मिली है। वोडाफोन आइडिया (Vi) के जुलाई में 3.59 लाख मोबाइल ग्राहक घटे हैं।

एयरटेल और जियो से काफी पीछे BSNL
PM मोदी 6G नेटवर्क का रोडमैप लॉन्च कर चुके हैं। 2030 तक भारत में 6G सर्विस शुरू होने की उम्मीद है। इस मामले में BSNL काफी पीछे है। कंपनी 4G के साथ 5G सर्विस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। वहीं, एयरटेल और जियो ने 2022 में 5G सर्विस लॉन्च की थी।
BSNL की ऐसी हालत क्यों हुई?
- साल 2000 में स्थापना के बाद BSNL के अधिकारी निजी ऑपरेटरों को चुनौती देने के लिए जल्द से जल्द मोबाइल सर्विस शुरू करना चाहते थे, लेकिन उन्हें जरूरी मंजूरी नहीं मिली।
- सरकारी सहमति नहीं मिलने का दौर आगे भी जारी रहा। 2006-12 के बीच जहां BSNL की क्षमता में मामूली इजाफा हुआ, वहीं प्राइवेट ऑपरेटर्स कहीं ज्यादा आगे निकल गए।
- लोगों ने नेटवर्क कंजेशन के कारण BSNL छोड़ प्राइवेट कंपनियों की ओर रुख किया। 2010 में 3G स्पेक्ट्रम की नीलामी में सरकारी कंपनी होने के कारण BSNL ने हिस्सा नहीं लिया।
- BSNL को वायमैक्स तकनीक पर आधारित ब्रॉडबैंड वायरलेस ऐक्सेस (BWA) स्पेक्ट्रम के लिए भी भारी रकम देनी पड़ी। इसका सीधा असर BSNL की आर्थिक स्थिति पर पड़ा।
- देश में मोबाइल क्रांति जोर पकड़ने के साथ ही लैंडलाइन कनेक्शन में तेजी से गिरावट हुई। 2006-07 में BSNL के 3.8 करोड़ लैंडलाइन ग्राहक थे, जो 2014-15 में 1.6 करोड़ रह गए।
- 4जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई तब भी BSNL को बाहर रखा गया। इस देरी के कारण जहां प्राइवेट कंपनियां देश में 5G रोलआउट कर चुकी हैं, वहीं BSNL 4G पर ही अटककर रह गई।