(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
August 10, 2026 हिन्दी
Tech

HP Inc to Cut 4,000-6,000 Jobs Globally by 2028 | Layoffs News | HP 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी: AI पर फोकस बढ़ाने के लिए स्ट्रक्चरिंग, कंपनी की ₹8,927 करोड़ की सेविंग होगी


नई दिल्ली25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

HP के पास अभी करीब 58,000 कर्मचारी हैं।

अमेरिकी टेक कंपनी HP इंक ने ग्लोबल लेवल पर 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान बनाया है। कंपनी का यह प्लान FY28 यानी फिस्कल ईयर 2028 के आखिरी तक पूरा होगा। कंपनी का कहना है कि मेमोरी चिप के दामों में तेजी से लागत बढ़ रही है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।

साथ ही AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस बढ़ाने के लिए ऑपरेशंस को स्ट्रिमलाइन किया जा रहा है। इससे कंपनी को तीन साल में 1 बिलियन डॉलर यानी 8,927 करोड़ रुपए की ग्रॉस सेविंग होगी।

कंपनी के पास अभी करीब 58,000 कर्मचारी

HP के CEO एनरिके लोर्स ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंटरनल ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट टीम्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। कंपनी के पास अभी करीब 58,000 कर्मचारी हैं। इस साल की शुरुआत में भी कंपनी ने 1,000 से 2,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी।

मेमोरी चिप के दामों ने मुश्किलें बढ़ाईं

टेक सेक्टर में मेमोरी चिप की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, खासकर डेटा सेंटर्स की वजह से ऐसा हो रहा है। मोर्गन स्टैनली के एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि इससे HP, डेल और एसर जैसी कंपनियों पर प्रॉफिट का दबाव बढ़ेगा।

HP का कहना है कि PC सेल्स साइकल के फायदे को ये बढ़ते खर्च कैंसल कर रहे हैं। कंपनी ने बताया कि पहले हाफ में इन्वेंटरी की वजह से असर कम रहेगा, लेकिन सेकंड हाफ में सतर्क रहेंगे।

HP ने 3 साल पहले भी 6,000 कर्मचारियों को निकाला था।

HP ने 3 साल पहले भी 6,000 कर्मचारियों को निकाला था।

लोर्स ने कहा, ‘हम ज्यादा मेमोरी सप्लायर्स जोड़ रहे हैं, जहां जरूरी न हो वहां मेमोरी कम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर प्रयास बढ़ा रहे हैं।’ इसके अलावा नॉर्थ अमेरिका के लिए प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग चीन से बाहर शिफ्ट की जा रही है, ताकि टैरिफ का असर कम हो।

चौथे क्वार्टर में HP की सेल्स 4.2% बढ़ी थी

फिस्कल फोर्थ यानी चौथे क्वार्टर में HP की सेल्स 4.2% बढ़कर 14.6 बिलियन डॉलर यानी 1.30 लाख करोड़ रुपए रही। PC यूनिट की कमाई 8% ऊपर गई, क्योंकि विंडोज 11 मशीन्स और AI PCs की डिमांड बढ़ी है।

AI वाले PCs ने Q4 में 30% से ज्यादा शिपमेंट्स कवर किए। लेकिन प्रिंटर यूनिट की सेल्स 4% गिरकर 4.27 बिलियन डॉलर यानी 38,111 करोड़ रुपए रह गई। एडजस्टेड प्रॉफिट 93% प्रति शेयर रहा, जो एनालिस्ट्स के 92% के अनुमान से थोड़ा बेहतर था।

HP AI को प्रोडक्ट डेवलपमेंट तेज करने, कस्टमर सैटिस्फैक्शन बढ़ाने और प्रोडक्टिविटी सुधारने के लिए इस्तेमाल करेगी। लोर्स ने कहा, ‘यह कदम उठाना जरूरी है ताकि कंपनी कॉम्पिटिटिव बनी रहे।’

3 साल पहले भी HP ने 6,000 कर्मचारियों को निकाला था

तीन साल पहले भी HP ने 4,000 से 6,000 नौकरियां कम करने का प्लान किया था, जब कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 61,000 थी। उससे 2.2 बिलियन डॉलर (19,634 करोड़ रुपए) की सेविंग हुई थी। अभी के प्लान से 650 मिलियन डॉलर (5,801 करोड़ रुपए) के रिस्ट्रक्चरिंग चार्जेस होंगे, जिसमें FY26 में 250 मिलियन डॉलर (2,231 करोड़ रुपए) शामिल हैं।

कंपनी का अनुमान है कि पूरे साल का एडजस्टेड प्रॉफिट $2.90 (258 रुपए) से $3.20 (285 रुपए) प्रति शेयर रहेगा, जबकि एनालिस्ट्स $3.32 (296 रुपए) की उम्मीद कर रहे थे। जनवरी तक खत्म होने वाले पीरियड में एनालिस्ट्स के 78% के मुकाबले 73% से 81% प्रति शेयर का प्रॉफिट दिखेगा।

टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला जारी

टेक इंडस्ट्री में नौकरियां कम करने का ट्रेंड चल रहा है। अमेजन ने हाल ही में 14,000 से ज्यादा जॉब्स कट किए हैं, जो उसके 3.5 लाख कॉर्पोरेट एम्प्लॉई का करीब 10% है। पैनडेमिक के दौरान हायरिंग बढ़ाने के बाद अब खर्च कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है। मेटा ने भी AI ऑपरेशंस में सैकड़ों रोल्स खत्म किए।

एपल ने भी सेल्स डिविजन में रीऑर्गनाइजेशन के तहत दर्जनों एम्प्लॉई को पिंक स्लिप थमाई है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 20 रोल्स पहले ही चले गए हैं। HP की छंटनी भी इसी चेन का हिस्सा है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेजन ने पैनडेमिक के बाद 30,000 कॉर्पोरेट पोजिशंस कम किए हैं।

भविष्य में क्या असर होगा?

HP को तीन साल में 1 बिलियन डॉलर की सेविंग से फायदा होगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में रिस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट्स प्रेशर डालेंगी। AI PCs की ग्रोथ से PC सेगमेंट मजबूत रहेगा, लेकिन मेमोरी चिप प्रॉब्लम सेकंड हाफ में चुनौती बनेगी। लोर्स ने कहा, ‘हम गाइडेंस पर सतर्क रहेंगे, लेकिन एग्रेसिव एक्शंस ले रहे हैं।’

एनालिस्ट्स का मानना है कि मेमोरी प्राइसेज अगर कंट्रोल न हुए तो प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ेगा। कंपनी AI इनोवेशन पर फोकस करके मार्केट शेयर बढ़ाने की कोशिश करेगी। ग्लोबल वर्कफोर्स पर 7%-10% का असर पड़ेगा, जो टेक सेक्टर के ओवरऑल ट्रेंड को दिखाता है।

ये खबर भी पढ़ें…

नैनो-बनाना प्रो से अब फर्जी आधार और पैन-कार्ड बन रहे: फोटो-नाम और डिटेल्स डालकर रियल जैसे बन जाते हैं डॉक्यूमेंट्स, गूगल की सेफ्टी गाइडलाइंस पर सवाल

गूगल का नया AI मॉडल नैनो बनाना प्रो तेजी से पॉपुलर हो रहा है, लेकिन इससे अब फर्जी आधार और पैन कार्ड भी जनरेट किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बात सामने आई कि ये मॉडल यूजर्स के प्रॉम्प्ट पर बिना किसी चेतावनी के रियलिस्टिक लुकिंग डॉक्यूमेंट बना देता है। इसमें यूजर का फोटो, फर्जी नाम और ID नंबर्स सब कुछ रियल ID की तरह ऐड हो जाते हैं। ये प्राइवेसी और फ्रॉड का बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *